ईस्ट जोन और साउथ जोन की टीम के बीच में चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में दलीप ट्रॉफी का फाइनल मुकाबला ड्रॉ पर खत्म हुआ जिसमें ईशान किशन की कप्तानी में ईस्ट जोन की टीम ने पहली पारी में बढ़त के आधार पर इस मुकाबले को अपने नाम कर लिया। इस मैच के चौथे दिन का खेल खत्म होने पर ईस्ट जोन की टीम ने अपनी दूसरी पारी में 5 विकेट के नुकसान पर 212 रन बना लिए थे, जिसके बाद उनकी कुल बढ़त अब 584 रनों की हो गई थी। इसके बाद 5वें दिन के खेल में ईस्ट जोन की टीम ने आगे खेलना जारी रखा जिसमें वह अपनी दूसरी पारी में जब 388 रन बना चुके थे तो उसके बाद इस मैच को ड्रॉ पर खत्म करने का फैसला लिया गया।
ईशान किशन का दूसरी पारी में भी दिखा बल्ले से कमाल
साउथ जोन के खिलाफ दलीप ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन का दोनों ही पारियों में बल्ले से कमाल देखने को मिला जिसमें उन्होंने पहली पारी में जहां 270 रन बनाए थे, तो वहीं दूसरी पारी में भी उनके बल्ले से 80 रन देखने को मिले, जिसके दम पर ईशान किशन इस पूरे मुकाबले में कुल 350 रन बनाने में कामयाब रहे। अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज से पहले ईशान किशन का बल्ले से यह फॉर्म टीम इंडिया के लिए अच्छी खबर मानी जा सकती है। साउथ जोन की तरफ से दूसरी में बॉलिंग में मोहम्मद सिराज, विजय, निद्देश और शेख रशीद ने 1-1 विकेट हासिल किया है।
दूसरी पारी में वैभव सूर्यवंशी नहीं दिखा सके बल्ले से कमाल
दलीप ट्रॉफी के फाइनल में ईस्ट जोन की तरफ से खेल रहे 15 साल के युवा ओपनिंग बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर सभी की नजरें थी, जिसमें पहली पारी में उनके बल्ले से 37 गेंदों में 44 रनों की पारी देखने को मिली थी, लेकिन दूसरी पारी में वह अपने बल्ले से कमाल दिखा पाने में कामयाब नहीं हो सके और सिर्फ 8 रन ही बनाकर पवेलियन लौट गए। ईस्ट जोन की तरफ से दूसरी पारी में ईशान किशन के अलावा शिखर मोहन अपने बल्ले से कमाल दिखाने में कामयाब रहे जिसमें उन्होंने फाइनल मैच में लगातार दूसरी अर्धशतकीय पारी खेलते हुए 52 रन बनाकर पवेलियन लौटे।